गुरुवार, 9 अगस्त 2012

ब्लॉग बने हुए तो महीनो हो गया लेकिन आज मैंने निर्णय किया की कुछ लिखा जाना चाहिए. ये निर्णय और इसके पीछे छिपे हुए भाव मै आज से ही व्यक्त करने का प्रयास करूंगा. सुना है और पढ़ा भी है की लेखन कृत्रिम कभी नहीं होता इसलिए जो भी जीना होगा उसके और मेरे बीच के एहसास को शब्दों के माध्यम से सब तक पहुँचाने का एक प्रयास करूंगा. उन लोगों के लिए जो मुझे जानते हैं और जिनसे मेरा जीवन प्रभावित है और उनके लिए भी जो मेरे जीवन को इस माध्यम से प्रभावित करेंगे.